राजस्थान सरकार के वन विभाग ने वन भूमि पर वृक्षारोपण एवं वन्यजीव संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए वन मित्र योजना लागू की है। इस योजना का उद्देश्य स्थानीय नागरिकों को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ना तथा वृक्षों और वन्यजीवों की सुरक्षा में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करना है। यह जानकारी राजस्थान वन विभाग द्वारा जारी आधिकारिक आदेश पर आधारित है।
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वन मित्र योजना का उद्देश्य
वन मित्र योजना के अंतर्गत ऐसे स्थानीय व्यक्तियों का पंजीकरण किया जाएगा जो स्वेच्छा से वृक्षारोपण, पौधों के संरक्षण और वन्यजीवों की सुरक्षा में योगदान देना चाहते हैं। प्रत्येक ग्राम पंचायत में अधिकतम दो वन मित्र पंजीकृत किए जाएंगे, जिनका कार्यक्षेत्र संबंधित ग्राम पंचायत होगा।
वन मित्र के प्रमुख कार्य
वन मित्रों को निम्नलिखित कार्य करने होंगे:
- वृक्षारोपण कर पौधों की देखभाल एवं संरक्षण करना।
- सरकारी एवं वन भूमि पर लगाए गए पौधों की सुरक्षा करना।
- अवैध कटाई रोकने में सहयोग करना।
- पर्यावरण संरक्षण के लिए जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित करना।
- वन्यजीवों के शिकार एवं अवैध गतिविधियों की सूचना देना।
- घायल वन्यजीवों की सहायता करना।
- वन भूमि पर अतिक्रमण एवं अवैध खनन की सूचना देना।
पात्रता
वन मित्र बनने के लिए:
- संबंधित क्षेत्र का निवासी होना चाहिए।
- सेवानिवृत्त कर्मचारी, स्वयं सहायता समूह के सदस्य एवं अन्य नागरिक आवेदन कर सकते हैं।
- आयु 40 वर्ष या अधिक होनी चाहिए।
- पर्यावरण एवं वन संरक्षण में रुचि होनी चाहिए।
- गंभीर आपराधिक मामलों में दोषी व्यक्ति पात्र नहीं होंगे।
आवेदन प्रक्रिया
इच्छुक अभ्यर्थी अपने जिले के उप वन संरक्षक कार्यालय में आवेदन कर सकते हैं।
चयन के लिए समिति का गठन किया जाएगा, जिसमें:
- उप वन संरक्षक (अध्यक्ष)
- संबंधित क्षेत्रीय वन अधिकारी (सदस्य सचिव)
- वन सुरक्षा एवं प्रबंधन समिति के अध्यक्ष (सदस्य)
शामिल होंगे। चयनित व्यक्तियों का वन मित्र के रूप में पंजीकरण किया जाएगा।
कार्यकाल
- वन मित्र का पंजीकरण एक वर्ष के लिए होगा।
- कार्य संतोषजनक पाए जाने पर अगले एक वर्ष के लिए नवीनीकरण किया जा सकता है।
प्रशिक्षण
वन मित्रों को वन मंडल स्तर पर प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिसमें:
- विभागीय गतिविधियाँ
- वन संरक्षण अधिनियम
- वन्यजीव संरक्षण
- पर्यावरण संरक्षण
- पौधशालाओं का विकास
- जलवायु परिवर्तन से जुड़े विषय शामिल होंगे।
वन मित्रों को मिलने वाले लाभ
चयनित वन मित्रों को:
- परिचय पत्र एवं बाजूबंद प्रदान किए जाएंगे।
- ट्रैक सूट, जूते, टी-शर्ट एवं कैप उपलब्ध कराए जा सकते हैं।
- उत्कृष्ट कार्य करने पर सम्मानित किया जाएगा।
- वन विभाग के कार्यक्रमों में प्राथमिकता मिलेगी।
- संरक्षित क्षेत्रों में स्वयं एवं जीवनसाथी के लिए निःशुल्क प्रवेश दिया जा सकेगा।
- उत्कृष्ट कार्य के आधार पर अमृता देवी पुरस्कार हेतु पात्र माना जाएगा।
- सेवा के दौरान दुर्घटना, घायल होने या मृत्यु की स्थिति में सहायता राशि/निःशुल्क उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जा सकती है।
वन मित्र का पंजीकरण कब समाप्त हो सकता है?
यदि कोई वन मित्र:
- कार्य में लापरवाही करता है।
- अनुशासनहीनता करता है।
- आपराधिक गतिविधियों में शामिल पाया जाता है।
तो उप वन संरक्षक द्वारा उसका पंजीकरण समाप्त किया जा सकता है। वन मित्र को किसी भी प्रकार की सरकारी नौकरी या नियमितीकरण का अधिकार नहीं होगा।
वन मित्र पजीकरण फॉर्म
